Islamic Shayari

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[1] मैं तो मर के भी बज़्म-ए-वफ़ा में ज़िन्दा हूँ, तलाश कर मेरी महफ़िल… मेरा मज़ार ना पूछ,, ————————————————————- [2] Namaz Me Bhi Meri Ishq Baziya NNa Gayi Danish Padhi Wohi Ayat Jisme Zikr_E_Ali Aaya,, ————————————————————- (3)जबां को पाक बनाओ अली अली कह के मुनाफ़िक़त को मिटाओ अली अली कह के जो चाहती है माँ […]